लेखनी मिलन -13-Mar-2023

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रुनझुन रुनझुन आई परी इक, मेरे गम के लोक रे उसके सोम्य स्वभाव से सारे, पल में भागे शोक रे गम की बस्ती झूम रही है, खुशियों की फुलवारी है अब ...

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